Miracle story of a village: एक ऐसा गाँव जहां लड़कियों को नहीं मिल रहा दूल्हा, वजह जान होगी हैरानी

Village Of Unmarried Girls: प्रकृति में ऐसे कई चमत्कार हुए हैं जिन पर आज भी विश्वास नहीं होता। पर इधर चमत्कार से हटकर कुछ हो रहा। वैसे तो दुनिया में बहुत सारे गाँव हैं जो अपनी संस्कृति व अनूठे रीति रिवाजों के चलते प्रसिद्ध हैं। आज हम जिस गाँव की बात कर रहे हैं वहाँ कुछ अलग ही कहानी है।

Miracle story of a village: प्रकृति में ऐसे कई चमत्कार हुए हैं जिन पर आज भी विश्वास नहीं होता। पर इधर चमत्कार से हटकर कुछ हो रहा। वैसे तो दुनिया में बहुत सारे गाँव हैं जो अपनी संस्कृति व अनूठे रीति रिवाजों के चलते प्रसिद्ध हैं। आज हम जिस गाँव की बात कर रहे हैं वहाँ कुछ अलग ही कहानी है।

यह गाँव ब्राजील में पड़ता है। इसका नाम है नोइवा दो कोरडेएरो। इसके बारे में आप जानोगे तो आपको हैरानी से भी 3 दर्जे ऊपर का झटका लगेगा। जी हाँ बात ही कुछ ऐसी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है।

ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित यह गांव हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। लेकिन यहां रहने वाली करीब 600 लड़कियों की जिंदगी एक अजीब दुविधा में फंसी हुई है- उन्हें शादी के लिए उपयुक्त वर नहीं मिल पा रहे हैं। इस गांव की लड़कियों की उम्र 20 से 35 साल के बीच है और वे सभी शिक्षित, मेहनती और आत्मविश्वासी हैं।

ये महिलाएं गांव में खेती-बाड़ी करती हैं। वे घर की देखभाल करती हैं और आपसी सहयोग से गांव चलाती हैं। लेकिन शादी न करने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। नोइवा डो कॉर्डेइरो गांव में अविवाहित पुरुष कुछ नहीं हैं। यहां के ज्यादातर पुरुष शादीशुदा हैं या काम के लिए इस गांव को छोड़कर चले गए हैं। यहां लड़कियों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी मिलना लगभग नामुमकिन है।

इस गांव की लड़कियां चाहती हैं कि शादी के बाद उनके पति उनके गांव में ही बस जाएं और वहां के स्थानीय नियमों और संस्कृति का पालन करें। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपना गांव, अपनी आजादी और अपनी शादीशुदा जिंदगी नहीं छोड़ना चाहती हैं। नोइवा डो कॉर्डेइरो में महिलाएं सामाजिक व्यवस्थाएं और फैसले लेती हैं। यहां की महिलाएं पुरुषों के बनाए नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना ​​है कि वे अपनी शर्तों पर जीवन जीना चाहती हैं और किसी पुरुष की अधीनता स्वीकार नहीं करेंगी।

इस गांव की महिलाएं न केवल पैसे पर निर्भर हैं। बल्कि वे सामाजिक रूप से भी मजबूत हैं। वे खेती से लेकर दैनिक जीवन तक के सभी फैसले खुद लेती हैं। यही वजह है कि वे सिर्फ ऐसे पुरुष से शादी करना चाहती हैं जो उनके जीवन को महत्व देता हो। पिछले कई सालों से इस गांव की लड़कियां देशभर के अविवाहित पुरुषों से यहां आकर बसने और उन्हें बेहतर जीवनसाथी बनाने के लिए कहती रही हैं। लेकिन इसकी स्थिति और अनूठी संस्कृति कई पुरुषों को झिझकती है।

हालांकि यह स्थिति अजीब जरूर लगती है, लेकिन इस गांव की महिलाओं की एकता, आत्मविश्वास और स्वाभिमान प्रेरणादायी है। आज महिलाएं समाज के कई स्तरों पर पीड़ित हैं। इस गांव की महिलाएं अपना भविष्य खुद तय करती हैं।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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